देहरादून 27 नवंबर। वीरता, साहस और गौरवशाली इतिहास के प्रतीक खलंगा मेला-2025 का भव्य आयोजन रविवार, 30 नवम्बर को सागरताल, नालापानी में किया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 29 नवम्बर को श्रद्धांजलि, बाइकऐथन तथा धार्मिक आयोजनों के साथ होगी।
29 नवम्बर की कार्यक्रम श्रृंखला शनिवार सुबह 6:45 बजे सहस्त्रधारा रोड स्थित युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद प्रातः 7:00 बजे ‘खलंगा ब्रेवरी बाइकऐथन’ (खलंगा बहादुरी साइकिल रैली) का शुभारंभ होगा, जो सागरताल स्थित कीर्ति स्तम्भ पर समाप्त होगी।
प्रातः 10:30 बजे नालापानी स्थित श्री चन्द्रायनी माता मंदिर में पूजन, हवन, कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन होगा।
30 नवम्बर को भव्य खलंगा मेला रविवार को सुबह 11:00 बजे से 51वें खलंगा मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। मेले में 1814–16 के ऐतिहासिक खलंगा युद्ध का वर्णन, गोर्खाली, गढ़वाली और कुमाऊँनी लोकनृत्य-गीत, मनमोहक नौमती बाजा प्रस्तुति, पारंपरिक गोर्खाली व्यंजन, परिधान व आभूषण स्टॉल तथा लॉटरी के लकी ड्रॉ मुख्य आकर्षण होंगे।
गोर्खाओं की वीरता का प्रतीक खुकरी डांस विशेष रूप से दर्शकों को मोहित करेगा ।
खलंगा युद्ध का गौरवशाली इतिहास में नालापानी का किला, जहां सेनानायक वीर बलभद्र कवर थापा ने स्थानीय गढ़वाली-कुमाऊँनी योद्धाओं के साथ मिलकर अंग्रेजी सेना के तीन भीषण हमलों को विफल किया था, आज भी पर्वतीय पराक्रम का प्रतीक है। लगभग 600 गोर्खा सैनिकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक हथियारों से लैस 3500 ब्रिटिश सैनिकों को रोककर पहली बार अंग्रेजी साम्राज्य को गंभीर चुनौती दी थी।
ब्रिटिश जनरल रॉबर्ट जिलेस्पी की मृत्यु भी इसी युद्ध में हुई थी।
युद्ध के बाद अंग्रेजों ने गोर्खा वीरता के सम्मान में सहस्त्रधारा रोड पर युद्ध स्मारक का निर्माण किया—जो विश्व में अपनी तरह का अनूठा उदाहरण है ।
प्रेसवार्ता में बलभद्र खलंगा विकास समिति, नालापानी के अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा, उपाध्यक्ष विनय गुरुंग, सचिव प्रभा शाह, सांस्कृतिक सचिव कै० वाई. बी. थापा, सहसचिव के.बी. कार्की, कोषाध्यक्ष महेश भूषाल, सुरेश गुरुंग, संजय थापा सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;HdrStatus: auto;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 31;
समिति ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार तथा मित्रों के साथ इस ऐतिहासिक व सांस्कृतिक उत्सव में सम्मिलित हों और वीर बलभद्र थापा तथा गोर्खा वीर-वीरांगनाओं के अदम्य साहस को नमन करें।
Author: Day Night Khabar
Post Views: 66








