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देहरादून 18 अप्रैल। पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक और सख्त कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने साफ कहा कि यात्रा मार्ग पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन को अनिवार्य बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जगह-जगह वाटर एटीएम और आरओ प्लांट स्थापित किए जाएं। साथ ही “मनी बैक” प्लास्टिक योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाएगा। कूड़े और प्लास्टिक वेस्ट की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जाएगी तथा इसके लिए अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को सुदृढ़ किया गया है। सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती के साथ अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 37 एमआरएफ सेंटर, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर मशीनें और 266 कचरा परिवहन वाहन लगाए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है और 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित होंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं। ठहरने के लिए होटल, धर्मशाला और आश्रमों में 28 हजार से अधिक कमरे और 67 हजार से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों पर 19 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत और हरित विकास के विजन से प्रेरित है। यात्रा को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, क्विक रिस्पॉन्स टीम और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं।

घोड़े-खच्चरों की लीद से बनेगी ऊर्जा, केदारनाथ में मिलेगा 24 घंटे गर्म पानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि केदारनाथ धाम में पहली बार श्रद्धालुओं को 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स से संचालित गीजर के माध्यम से होगी। यह देश का पहला ऐसा प्रयोग होगा, जिससे कचरा प्रबंधन और ऊर्जा दोनों समस्याओं का समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर जनभागीदारी से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स और महिला मंगल दलों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही कूड़ा प्रबंधन के लिए स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तैनाती भी की जाएगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक प्रबंधन का उदाहरण बनाया जाए।

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