हल्द्वानी, 26 नवंबर 2025।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को एम.बी. इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के उपलक्ष्य में भव्य सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पशुपालन और सब्जी उत्पादन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (SHG) को 16.97 करोड़ रुपये तथा एनआरएलएम के अंतर्गत 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की। बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सहकारिता वर्ष–2025: पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह मेला प्रदेश में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। “सहकारिता से पर्यटन विकास” थीम पर आधारित सात दिवसीय आयोजन में सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के उत्पादों को मंच प्रदान किया जाएगा।
ईको-आतिथ्य, ईको-पर्यटन, होमस्टे प्रबंधन, स्थानीय व्यंजन, कृषि व फल उत्पाद संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम होंगे।
उत्तराखंड सहकारिता का राष्ट्रीय मॉडल—671 समितियाँ पूर्णत: डिजिटल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना सहकारिता की वैश्विक महत्ता दर्शाता है। उन्होंने बताया कि देश में सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों ने इसे नई दिशा दी है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सहकारिता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
- सभी 671 सहकारी समितियाँ पूर्ण डिजिटल प्रणाली पर कार्यरत हैं।
- 640 समितियाँ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित की गई हैं।
- 24 समितियाँ जनऔषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं।
- 5511 में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस में अपलोड हो चुका है।
फरवरी 2023 से अब तक 800 नई PACS, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ बनाई गईं हैं। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमा पूंजी होने को उन्होंने जनता के भरोसे का प्रमाण बताया।
महिला सशक्तिकरण—1.68 लाख से अधिक “लखपति दीदी”
कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनें “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो महिलाओं की बढ़ती आर्थिक स्वावलंबन की बड़ी मिसाल है। उन्होंने कहा कि सहकारिता और पर्यटन आधारित आजीविका से महिलाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
हल्द्वानी में तेज़ी से आगे बढ़ रहे विकास कार्य
सीएम धामी ने हल्द्वानी में हो रहे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया:
- 792 करोड़ रुपये की रिंग रोड परियोजना
- हल्द्वानी–लालकुआं बाईपास
- मल्टीस्टोरी पार्किंग, वेस्ट मैनेजमेंट, लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट
- योग एवं आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम
- हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में कैंसर संस्थान का निर्माण
- हल्द्वानी से विभिन्न जिलों और मुंबई के लिए नई रेल व हेलीकॉप्टर सेवाएँ
उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई देंगी।
धर्मांतरण, लैंड जिहाद और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर सरकार की दृढ़ नीति पर जोर देते हुए कहा कि—
- 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है।
- 250 अवैध मदरसे सील किए गए, मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया।
- “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त तत्वों पर कार्रवाई जारी है।
- देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद 26 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
- “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के अंतर्गत 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए हैं।
स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने में जनसहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे जनआंदोलन बनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, दर्जाधारी मंत्री सुरेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ और स्थानीय उत्पादक उपस्थित रहे।









