भागीरथी इको सेंसिटिव जोन में सुरक्षात्मक कार्य तेज करने के निर्देश, मुख्य सचिव की बैठक में कई अहम निर्णय

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देहरादून 19 नवंबर। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में बुधवार को भागीरथी इको सेंसिटिव जोन निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इको सेंसिटिव जोन की परिधि में सुरक्षात्मक और उपचारात्मक कार्य तत्काल प्रभाव से किए जा सकते हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि नदी किनारे बाढ़ नियंत्रण और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों को बिना देरी शुरू किया जाए।

मुख्य सचिव ने गैर कृषि एवं कमर्शियल गतिविधियों की अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर जिलाधिकारी उत्तरकाशी और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जोनल मास्टर प्लान, पर्यावरणीय प्रावधान और जैव विविधता से जुड़े नियमों का विस्तृत अध्ययन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आईआईटी रुड़की, हाइड्रोलॉजी संस्थान या वाडिया संस्थान की वैज्ञानिक स्टडी भी प्लान में सम्मिलित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अगली बैठक में जोनल मास्टर प्लान के साथ-साथ यदि किसी कमर्शियल गतिविधि को अनुमति देने पर विचार हो, तो उससे जुड़े सभी नियामकीय प्रावधान, संबंधित विभागों की एनओसी और विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने इसे जोन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यावहारिक प्लान तैयार करने और अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने समिति के सदस्यों व अधिकारियों को निर्धारित साइटों का स्थलीय निरीक्षण करने और इसके लिए तिथि जल्द तय करने को कहा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, राज्य निगरानी समिति की स्वतंत्र सदस्य मलिका भनोत, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, यूटीडीबी के निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) दीपक खंडूरी, अधिशासी अभियंता सिंचाई संजय राय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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