
सैकड़ों प्रतिभागियों ने दौड़कर दिया स्थिरता, उर्वरता और सहनशीलता का संदेश
देहरादून, 16 नवंबर 2025।
पर्यावरण संरक्षण, मानव मूल्यों के उत्थान और जीवन के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ग्रैन्यूल्स ग्रीन हार्टफुलनेस रन (GGHR) में आज देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड में उत्साह देखने को मिला। रविवार सुबह 7:30 बजे देहरादून के हार्टफुलनेस सेंटर, पौंधा से इस विश्वव्यापी दौड़ की शुरुआत हुई, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
GGHR का आयोजन विश्वस्तर पर सैकड़ों देशों में किया गया, जबकि भारत के 119 शहरों में लाखों लोगों ने इसमें शामिल होकर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उत्तराखंड में देहरादून के साथ ही रुड़की, हल्द्वानी, हरिद्वार, काशीपुर, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, नैनीताल आदि स्थानों पर भी यह दौड़ आयोजित की गई।
मानव मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के लिए हार्टफुलनेस की पहल
हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक पद्मश्री कमलेश डी. पटेल की प्रेरणा से हर वर्ष इस दौड़ का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2025 के लिए GGHR का मुख्य संदेश स्थिरता, उर्वरता और सहनशीलता रखा गया। देहरादून में यह आयोजन ज़ोनल प्रभारी डी. डी. जोशी के निर्देशन में कर्नल के. डी. सिंह, जतिन, अंकित, अनघा और अनेक वॉलंटियर्स के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हार्टफुलनेस संस्था “Forests by Heartfulness” के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ के Global Forest Goals (2017–2030) का समर्थन भी करती है।
हार्टफुलनेस — तनाव प्रबंधन व आध्यात्मिक विकास का वैश्विक आंदोलन
160 देशों में सक्रिय हार्टफुलनेस संस्था मेडिटेशन, शुद्धिकरण और स्वकेंद्रण जैसी प्रभावी विधियों के माध्यम से तनाव प्रबंधन और आध्यात्मिक विकास की दिशा में निःशुल्क सेवाएँ प्रदान कर रही है। करोड़ों लोग इसके माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव कर रहे हैं।
हाल ही में उत्तराखंड शिक्षा विभाग और हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित हुआ है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी DIET केंद्रों और 150 विद्यालयों में शिक्षकों को तनाव प्रबंधन और मूल्य आधारित शिक्षा का लाभ मिलेगा।
संस्थान ने दिया संतुलित जीवन का संदेश
राज्य प्रभारी छवि सिसौदिया ने सभी प्रदेशवासियों से हार्टफुलनेस की विधियों का लाभ लेने और तनाव-मुक्त संतुलित जीवन अपनाने का आग्रह किया। लोगों को हार्टफुलनेस मेडिटेशन से जुड़ने हेतु विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन साधनों की जानकारी भी दी गई।







