
रुद्रप्रयाग, 11 अप्रैल। आगामी चारधाम यात्रा के तहत 22 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने विशेष फोकस किया है। जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 अप्रैल तक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।
बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी-अपनी तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर और मुनकटिया सहित विभिन्न स्थानों पर सड़क कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को पैचवर्क, डामरीकरण, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रैन शेल्टर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और आपातकालीन सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण, बीमा और पशु चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती तथा एक्स-रे और ईसीजी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी दी।
प्रभारी मंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए शौचालयों की उपलब्धता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जानकारी ली। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, चेंजिंग रूम और जल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करने को भी कहा गया।इसके अलावा बैठक में पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, होटल किराया नियंत्रण और एलपीजी आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा के लिए 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों, प्रशासन और पुलिस से ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से यात्रियों का स्वागत करने का आह्वान किया, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां से अच्छी छवि लेकर लौटें।
उन्होंने कहा कि यात्रा को सुचारू बनाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं तथा 20 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 8 और फायर सर्विस की 7 टीमें तैनात रहेंगी, जबकि एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड भी सक्रिय रहेंगे।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






