देहरादून, 4 नवम्बर 2025।
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर सोमवार को आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की 25 वर्ष की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि यह वर्षों के संघर्ष, असीम त्याग और हजारों आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के सभी हुतात्माओं, आंदोलनकारियों, पूर्व प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते वर्षों में तीव्र प्रगति की है और आज यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि किसानों की आय वृद्धि दर में भी राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की हैं, जिनसे उद्योग, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी और नकल विरोधी कानून लागू कर पारदर्शी व जवाबदेह शासन की मिसाल पेश की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियों में अवसर दिए गए हैं, जबकि 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए आरक्षण, पेंशन और पहचान पत्र जैसी व्यवस्थाओं को सशक्त बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “देवभूमि उत्तराखंड” प्रधानमंत्री मोदी जी के “2047 तक विकसित भारत” के लक्ष्य के अनुरूप “विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश का श्रेष्ठ राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गीत की प्रेरक पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा —
“पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी… आएगी।








