

देहरादून, 21 अक्टूबर ।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सेरागांव, कार्लीगाड़ और मझेड़ा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर जाकर पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
डीएम ने कहा कि राज्य हित और आपदा न्यूनीकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार को राहत नहीं मिलती, वे क्षेत्र में ही रहकर कार्यों की निगरानी करें।
डीएम ने बिजली, पानी और सड़कों के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा वाडिया इंस्टीट्यूट और आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम से उच्चस्तरीय भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने की घोषणा की। उन्होंने नदियों व गदेरों से लाखों टन मलबा मानसून पूर्व हटाने के आदेश दिए और नीलामी प्रक्रिया आज ही शुरू करवाई।
क्षतिग्रस्त मकानों के प्रभावित परिवारों को बाजार दर पर किराया देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने पंचायत विभाग को आंतरिक सड़कों और पैदल रास्तों को युद्धस्तर पर खोलने के आदेश भी दिए।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं आपदा पुनर्निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जिला प्रशासन उनके निर्देशों के पालन के लिए पूर्णतः संकल्पबद्ध है।








