मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की ।

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गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण और मानव-जानवर प्रेम का प्रतीक – मुख्यमंत्री धामी

देहरादून, 22 अक्टूबर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्य और जानवरों के बीच प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी सेवा और संरक्षण हमारे जीवन को आगे बढ़ाने वाला कार्य है। अनेक परिवारों की आजीविका गाय पालन और गो-सेवा से जुड़ी हुई है। गौ-संवर्धन धार्मिक आस्था के साथ-साथ आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी गहराई से संबंधित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण और संरक्षण के लिए सतत प्रयासरत है। पहले जहाँ निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण हेतु 5 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन दिए जाते थे, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि निजी गौशालाओं के निर्माण हेतु राज्य सरकार 60 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान भी कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए आगे आएँ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगे भी गौ संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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