
देहरादून 1 जुलाई। उत्तराखंड में होम-स्टे पंजीकरण को लेकर कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने जिला पर्यटन विभाग के एक अधिकारी और एक कर्मचारी पर मालसी निवासी मोहम्मद रईस से होम-स्टे पंजीकरण के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है।
देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मोहम्मद रईस ने “किंग क्वीन” नाम से होम-स्टे पंजीकरण के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका पंजीकरण लंबे समय तक लंबित रखा गया। आरोप है कि बाद में उनसे पंजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने दावा किया कि पीड़ित के अनुसार विभागीय अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अलग-अलग चरणों में रिश्वत की मांग की गई और कुल 1.90 लाख रुपये लिए गए। उनका कहना है कि पूरी राशि मिलने के बाद ही पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
पीड़ित मोहम्मद रईस ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगने की कोशिश की तो उन्हें धमकियां दी गईं। उनका दावा है कि रिश्वत मांगने और धन लेन-देन से जुड़े वीडियो एवं ऑडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा जाएगा।पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि पर्यटन और होम-स्टे योजना राज्य में स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि इस तरह के आरोप सही हैं तो इससे सरकार की योजनाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि यदि किसी नागरिक को अपना वैध कार्य कराने के लिए रिश्वत देनी पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से स्वतंत्र जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। फिलहाल पूरे मामले में सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







