
हरिद्वार, 2 अप्रैल। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार पहुंचकर कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं में तेजी लाई जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाटों तथा बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए। साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प, चेंजिंग रूम और प्रसाधन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने इस बार कुम्भ के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए घाटों पर हरित पट्टियां, पौधे और फूलों से सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की भी समीक्षा की और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करने को कहा।
उन्होंने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि कुम्भ के दौरान यातायात प्रबंधन के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। इसके साथ ही धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तल से जुड़े कार्य वर्षाकाल से पहले पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि बारिश के दौरान कार्य प्रभावित न हो।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना की प्रगति का भी जायजा लिया और एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना को अविलंब पूरा किया जाए। उन्होंने साप्ताहिक लक्ष्य तय कर कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि कुम्भ मेला शुरू होने से पहले यह परियोजना पूरी होना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर को भी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा गया।
उन्होंने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक समेत जलापूर्ति से जुड़े कार्यों का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि कुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में सभी विभागों को जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी जायजा लिया और सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था में आधुनिक आईटी तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी और मनजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







