ओएनजीसी के द्वितीय ग्रेजुएट ट्रेनी बैच का स्वर्ण जयंती समारोह,

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देहरादून, 2 अप्रैल। ओएनजीसी के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय गुरुवार को देहरादून में उस समय यादगार बन गया, जब वर्ष 1976 के द्वितीय ग्रेजुएट ट्रेनी (GT) बैच ने अपनी 50 वर्ष की यात्रा पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती समारोह का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में बैच के कई सदस्य एकत्रित हुए और अपने प्रशिक्षण व सेवा काल की यादों को साझा किया।

ओएनजीसी में वर्ष 1975 में तत्कालीन अध्यक्ष एन बी प्रसाद द्वारा शुरू की गई ग्रेजुएट ट्रेनी योजना के तहत प्रतिभाशाली युवाओं को एक वर्ष के कठोर प्रशिक्षण के बाद तेल क्षेत्रों में नियुक्त किया जाता था। इसी योजना के अंतर्गत 2 अप्रैल 1976 को लगभग 110 अभियंताओं और विभिन्न विषयों के स्नातकों का द्वितीय बैच ओएनजीसी प्रशिक्षण केंद्र में शामिल हुआ था।

इस बैच ने न केवल ओएनजीसी बल्कि देश के ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। बैच के कई अधिकारियों ने ओएनजीसी और उसकी सहायक इकाइयों में शीर्ष नेतृत्व पदों तक पहुंचकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख रूप से सुधीर वासुदेवा, आर के त्यागीR, एकेहजारिका, यूं एन बोस, डी के पाण्डेय , एस बी राव , जोमिन थामस, और अनुपम माथुर जैसे नाम शामिल हैं।
बैच के लगभग 20 अधिकारी ओएनजीसी में कार्यकारी निदेशक के पद तक पहुंचे, जबकि 50 से अधिक अधिकारियों ने महाप्रबंधक या ग्रुप जनरल मैनेजर के रूप में संस्थान को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। यह उपलब्धि किसी भी अन्य बैच के लिए एक मानक के रूप में देखी जाती है।
स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर बैच के कई सदस्य देहरादून स्थित ओएनजीसी परिसर में एकत्रित हुए और अपने जीवन के उन सुनहरे पलों को याद किया, जिन्होंने उनके पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को आकार दिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने जीवनसाथियों के साथ भाग लिया और पुराने अनुभवों को साझा करते हुए भावनात्मक क्षणों का अनुभव किया। जो सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उन्होंने अपने संदेश ऑडियो और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से भेजे, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया। बताया गया कि विभिन्न कार्य केंद्रों में भी इसी प्रकार के आयोजन प्रस्तावित हैं।यह स्वर्ण जयंती समारोह केवल स्मृतियों का उत्सव नहीं, बल्कि उस कार्यसंस्कृति का प्रतीक भी है जिसने प्रतिभा को अवसर और नेतृत्व को पहचान दी। द्वितीय जीटी बैच की यह यात्रा ओएनजीसी की मजबूत विरासत को दर्शाती है, जहां समर्पण, अनुशासन और पेशेवर उत्कृष्टता के बल पर संस्थान निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

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