
आईटी 2.0 का शुभारंभः डिजिटल इंडिया की ओर भारतीय डाक की यात्रा में एक मील का पत्थर
देहरादून 22 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा संचार एवं उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम0 सिंधिया के मार्गदर्शन में भारतीय डाक विभाग ने सफलतापूर्वक आईटी 2.0ः उन्नत डाक प्रौद्योगिकी का शुभारंभ किया। यह ऐतिहासिक डिजिटल उन्नयन डाक विभाग की आधुनिकीकरण यात्रा में एक परिवर्तनकारी कदम है, जो देश के 1.65 लाख डाकघरों तक पहुंचते हुए भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के विजन के अनुरूप है।
आईटी 2.0 देश के कोने-कोने तक तेज, विश्वसनीय और नागरिक-केंद्रित डाक एवं वित्तीय सेवाएं पहुंचाकर भारतीय डाक की समावेशिता और सेवा उत्कृष्टता की प्रतिबद्वता को दोहराता है। आईटी आधुनिकीकरण परियोजना 1.0 की सफलता पर आधारित नवीन एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलाजी प्लेटफार्म एक माइक्रोसर्विस आधारित अनुप्रयोग प्रस्तुत करता है, जो तेज, अधिक विश्वसनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करता है। सेंटर फार एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नोलाजी द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया, यह अनुप्रयोग भारत सरकार के मेघराज 2.0 क्लाउड प्लेटफार्म पर होस्ट किया गया है और बीएसएनएल की राष्ट्रव्यापी कनेक्टिविटी द्वारा समर्थित है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि एपीटी इंडिया पोस्ट को एक विश्व स्तरीय सार्वजनिक लाजिस्टिक्स संगठन में बदल देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह आत्मनिर्भर भारत की पूर्ण सशक्तता है, जो मजबूत और आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
माइक्रोसर्विस और ओपन एपीआई आधारित आर्किटेक्चर, एकल, एकीकृत उपयोगकर्ता इंटरफेस, क्लाउड-रेडी परिनियोजन, बुकिंग से लेकर वितरण तक एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान, अगली पीढ़ी की सुविधाएं -क्यूआर कोड पेमेंट, ओटीपी आधारित वितरण इत्यादि, ओपन नेटवर्क प्रणाली-ग्रामीण क्षेत्रों में भी विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित, 10 अंकों का अल्फान्यूमेरिक डिजीपिन, सटीक डिलीवरी के लिए, बेहतर रिपोर्टिंग और विश्लेषण प्रणाली एटापी की मुख्य विशेषताएं है।
यह रोलआउट चरणबद्व और संरचित तरीके से किया गया। इसी साल मई-जून में कर्नाटक डाक परिमंडल में सपफल पायलट फेज के रोलआउट के बाद प्रमुख समस्याओं की पहचान की गई और सीखों को प्रणाली और रणनीति को परिष्कृत करने के लिए शामिल किया गया। इसके बाद उत्तराखंड डाक परिमंडल में 08 जुलाई से 22 जुलाई तक सावधानीपूर्वक चरणबद्व तरीके से रोलआउट किया गया। अंततः 4 अगस्त को सभी 23 डाक परिमंडलों में 1.70 लाख से अधिक कार्यालयों (डाकघर, मेल कार्यालय और प्रशासनिक इकाइयों सहित) में एटापी रोलआउट किया गया।
यह समझते हुए कि तकनीकी परिवर्तन की सफलता कर्मचारियों पर निर्भर है, भारतीय डाक ने ट्रेन, रिटेªन, रिप्रफेश सिद्वांत के तहत मास्टर ट्रेनर्स, यूजर चैंपियंस और अंतिम उपयोगकर्ताओं को शामिल करते हुए 4.6 लाख से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। इससे हर स्तर पर तैयारी सुनिश्चित हुई और देश भर में इसे सुचारू रूप से अपनाया गया।
इस प्रणाली ने एक ही दिन में 32 लाख बुकिंग और 37 लाख वितरण को सफलतापूर्वक संभालकर अपनी मजबूती और विस्तार क्षमता साबित कर दी है। आईटी 2.0 के पूर्ण होने के साथ भारतीय डाक एक आधुनिक प्रौद्योगिकी संचालित सेवा प्रदाता के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है तथा विश्वसनीयता और अप्रतिम पहुंच की अपनी विरासत को भी कायम रखता है। एटीपी की सफलता भारतीय डाक के कर्मचारियों की निष्ठा तथा ग्रामीण-शहरी डिजिटल खाई को पाटने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने एवं हर नागरिक को विश्व स्तरीय सेवाएं देने की उसकी प्रतिबद्वता का प्रमाण है।








