देहरादून, 19 फरवरी
। राजधानी देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक ‘‘दिव्य कला मेला’’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा संचालित National Handicapped Finance and Development Corporation के तत्वाधान में आयोजित यह मेला प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रहा है।
मेले का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को सीधे बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। प्रदेश के 13 जनपदों से आए दिव्यांगजन अपने उत्पादों और हुनर का प्रदर्शन विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से करेंगे। इसके साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले दिव्यांग कलाकार और कारीगर भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री करेंगे, जिससे मेले को अंतरराज्यीय स्वरूप मिलेगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि यह मेला केवल उत्पाद प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिव्यांग कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी। लोकगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले में सृजन और उत्साह का विशेष वातावरण बनाएंगे।
मेले की एक खास बात यह भी होगी कि देहरादून के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी इसमें भाग लेंगे। उन्हें दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं और उनके योगदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मेले के माध्यम से रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर तो मिलेंगे ही, साथ ही समावेशिता और समान अवसरों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।








