जागृति’ की ज्योति में निरंकारी संत समागम तैयारियां अंतिम चरण में

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देहरादून, 18 अक्टूबर। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में 79वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 23 से 26 अक्टूबर तक संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित होगा। समागम में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।

समागम स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। परिसर में अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी सत्संग, भजन और आध्यात्मिक विचारों को आसानी से देख और सुन सकें।

संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि सतगुरु माता जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से समागम की व्यवस्थाएं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही हैं। सुचारु संचालन, आवागमन और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरे परिसर को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि संतों और श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा एवं समर्पण से समागम स्थल एक भव्य और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक नगरी का रूप ले चुका है।

समागम स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा तैयार किया गया मुख्य स्वागत द्वार भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी कलात्मकता और भव्य स्वरूप के माध्यम से सेवा, समर्पण, सृजनशीलता और सामूहिक श्रद्धा की भावना को प्रदर्शित किया गया है।

आयोजकों के अनुसार संत समागम ब्रह्मज्ञान, भक्ति, सेवा और आत्मिक जागृति का अवसर है। यहां श्रद्धालुओं को परमात्मा से जुड़ने के साथ विश्वबंधुत्व, सौहार्द और निस्वार्थ सेवा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जाती है। आयोजन के माध्यम से लोगों को बाहरी उपलब्धियों से आगे बढ़कर अपनी आंतरिक चेतना और आध्यात्मिक समृद्धि को पहचानने का संदेश दिया जाता है।

समागम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में संत निरंकारी मंडल से जुड़े स्वयंसेवक जुटे हुए हैं। आयोजकों ने देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं और संत महात्माओं का समागम में स्वागत किया है।

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