ढोल-दमाऊ की गूंज में निकली भव्य राम बारात

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रामलीला महोत्सव का चौथा दिन ‘सर्वधर्म सद्भाव दिवस’ के रूप में मनाया गया, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों को किया सम्मानित

देहरादून 15 अक्टूबर ।श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव-2026 का चौथा दिन ‘सर्वधर्म सद्भाव दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला रहे।

दिन की शुरुआत भगवान श्रीराम की भव्य बारात से हुई। ढोल-दमाऊ, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो गया। इसके बाद डिजिटल दरबार में राजा दशरथ और कैकेयी के संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगने और भरत के लिए राजगद्दी तथा श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने के भावुक प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

डिजिटल दरबार, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था तथा आधुनिक लेजर एवं ध्वनि प्रदर्शन ने पारंपरिक रामलीला को भव्य और जीवंत स्वरूप प्रदान किया। कलाकारों के शानदार अभिनय पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

मुख्य अतिथि लखपत बुटोला ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों की प्रेरणा देता है। उन्होंने समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को देहरादून में भव्य स्वरूप में पुनर्जीवित करना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। ‘सर्वधर्म सद्भाव दिवस’ के माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और एकता का संदेश दिया जा रहा है। समिति का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा को जीवंत रखने के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

चारों प्रमुख धर्मों के प्रतिनिधियों को किया सम्मानित

सर्वधर्म सद्भाव दिवस के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों को प्रतिनिधित्व दिया गया। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला मंच बना दिया।

इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन, पूर्व अध्यक्ष उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग, डॉ. महेश कुड़ियाल, डॉ. संजना नौटियाल, कांग्रेस सोशल मीडिया प्रदेश समन्वयक मधुसूदन सुंदरियाल, गुरुद्वारा पटेल नगर के अध्यक्ष हरमिंदर सिंह, गुरुद्वारा रेसकोर्स के अध्यक्ष बलबीर सिंह बन्नी, दून वैली व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन, संरक्षक सुशील अग्रवाल, हजारा बिरादरी के अध्यक्ष पवन चंदोक, सचिव सचिन विज और जावेद आलम सहित अन्य गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया।

वर्ष 1952 से पुरानी टिहरी में आयोजित होती आ रही ऐतिहासिक रामलीला टिहरी के जलमग्न होने के बाद वर्ष 2023 में देहरादून में पुनर्जीवित की गई। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2025 में आयोजित रामलीला को विभिन्न माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। इस वर्ष डिजिटल सीधा प्रसारण, आधुनिक लेजर एवं ध्वनि प्रदर्शन, पारंपरिक रामलीला और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संगम के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

महोत्सव के तहत 8 से 25 अक्टूबर तक मेला और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा, जबकि 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राजतिलक का आयोजन होगा।

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