
देहरादून 13 अक्टूबर। न्यू सर्वे रोड, करणपुर स्थित दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान रसोईघर और स्टोर में सड़ी-गली सब्जियां, बासी खाद्य सामग्री, अत्यधिक गंदगी तथा कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी मिली। इसके बाद रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और संचालक को 14 दिन का सुधार नोटिस जारी किया गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में रेस्टोरेंट का आकस्मिक निरीक्षण किया। टीम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव और रमेश सिंह शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान दून क्लब के अध्यक्ष मनोज सूरी भी मौजूद रहे।
जांच में फ्रीजर में फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू सहित कई सब्जियां सड़ी-गली मिलीं। करीब दो दिन पुराने चावल, दो से तीन दिन पुराना गूंथा आटा तथा लगभग एक सप्ताह पुरानी मोमोज और चाउमीन सामग्री भी मिली। खाद्य पदार्थ खुले बर्तनों में रखे थे। रसोईघर और मसाला रखने वाली अलमारी में कॉकरोच और चूहे मिले, जबकि कई मसालों की थैलियां चूहों द्वारा कुतरी हुई थीं।
बर्तन धोने के क्षेत्र में तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन, कूड़ा-कचरा और भारी गंदगी मिली। नालियां जाम थीं और जल निकासी व्यवस्था भी खराब पाई गई। कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के अभिलेख, पेस्ट कंट्रोल के प्रमाण और पानी की जांच रिपोर्ट भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिली।
टीम ने रेस्टोरेंट के पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने जांच के लिए लिए। वहीं, करीब पांच किलो बासी चावल, 15 किलो सब्जियां, दो किलो मोमोज और बासी चिकन करी को मौके पर नष्ट कराया गया। नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की अनियमितताएं गंभीर चिंता का विषय हैं। यहां विशिष्ट और गणमान्य लोगों का आवागमन रहता है, इसलिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
रेस्टोरेंट संचालक को 14 दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान परिसर की गहन सफाई, खराब खाद्य सामग्री का निस्तारण, पेस्ट कंट्रोल, नालियों और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत, पेयजल की जांच तथा कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। सुधार नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।







