देहरादून 11 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए प्रदेशवासियों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में अभियान की रूपरेखा की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें विद्यार्थी, युवा, महिलाएं, लाभार्थी, अभिभावक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से जुड़े केंद्रों, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तटों पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम होंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध, पुल, अमृत सरोवर और जन औषधि केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ कार्यक्रम में शैक्षणिक संस्थानों में विकसित भारत और आगामी 25 वर्षों के कार्यों व उपलब्धियों पर चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। चयनित चित्र विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा।
‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, अभिभावकों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से विभिन्न गतिविधियां होंगी। इनमें मातृ-बाल स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु कल्याण पर विशेष जोर दिया जाएगा। ‘सेवा की कहानियां’ कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भाषण, चित्रकला और कहानियों के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश स्थापित किया जाएगा। इसके साथ साइकिल और बाइक यात्रा भी आयोजित की जाएगी। ‘सेवा : मेरा योगदान’ कार्यक्रम में नागरिकों को पौधरोपण, स्वच्छता, शिक्षण और अन्य समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से शिविर लगाए जाएंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित होंगे। ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सेवा फर्स्ट नवाचार चुनौती’ के तहत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों से वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं का विवरण लेकर उनके समाधान के लिए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। आईआईटी, आईआईएम और विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल एवं मार्गदर्शक के रूप में जोड़ा जाएगा। चयनित नवाचारों को संरक्षण, मार्गदर्शन और परीक्षण की सुविधा देने के साथ अनुमोदन एवं नियामकीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद होगा। अभियान के कार्यक्रमों के फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव और सकारात्मक बदलाव की कहानियों का मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और देवभूमि उत्तराखंड उनके मन के करीब है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है और इसे सिद्धि तक पहुंचाने में प्रत्येक देशवासी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम होगी। अभियान को प्रत्येक जिले में व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा और जिलों के प्रभारी मंत्री भी इसमें शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जनसमर्थन और जनभागीदारी के साथ राज्य को इस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राम सिंह कैड़ा और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।










