40-50 बीघा में बिना मंजूरी हो रही प्लॉटिंग पर एमडीडीए की कार्रवाई, जमीन सील

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देहरादून, 11 सितंबर। देहरादून के बद्रीपुर, धर्मावाला और हरबर्टपुर क्षेत्र में बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए करीब 40 से 50 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग स्थल को सील कर दिया।

एमडीडीए के अनुसार समीर कुरैशी और भू-स्वामी द्वारा संबंधित भूमि पर प्राधिकरण से तलपट मानचित्र की स्वीकृति लिए बिना बड़े क्षेत्र में प्लॉटों का चिन्हीकरण किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर प्राधिकरण ने प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वाद दायर किया। सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग और विकास कार्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बद्रीपुर और धर्मावाला क्षेत्र में करीब 40-50 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटों का चिन्हीकरण किए जाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण की टीमें ऐसे क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले संबंधित भूमि का तलपट मानचित्र, ले-आउट और प्राधिकरण से मिली स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी हो सकती है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। प्राधिकरण द्वारा अनधिकृत विकास गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है और नियम विरुद्ध कार्य पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य अनियोजित विकास पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है।

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