ग्रोथ सेंटर्स को बाजार और निजी भागीदारी से जोड़ें

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देहरादून, 20 जुलाई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में संचालित ग्रोथ सेंटर्स की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनाने के निर्देश दिए। सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेंटर्स को मजबूत मार्केट लिंकेज, निजी भागीदारी और कोल्ड स्टोरेज चेन से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों से अपने-अपने ग्रोथ सेंटर्स की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन कर रहे केंद्रों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और गैर-कार्यशील केंद्रों को पुनः सक्रिय करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उत्पादों को ट्रेसेबिलिटी, जीआई टैगिंग और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने शीप एंड वूल डेवलपमेंट बोर्ड को पशुपालकों के साथ नियमित संवाद और कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश देते हुए अन्य राज्यों के सफल मॉडल का अध्ययन करने की भी सलाह दी।
मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों के संरक्षण के लिए स्टैंड-अलोन माइक्रो कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर मांग के अनुसार बाजार में उतारा जा सकेगा।
बैठक में उन्होंने हाउस ऑफ हिमालयाज के साथ सभी संबंधित विभागों की समन्वय बैठक कराने, संभावनाशील गैर-कार्यशील ग्रोथ सेंटर्स की हैंडहोल्डिंग सुनिश्चित करने तथा नाबार्ड से वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। फॉरेस्ट (JICA) के ग्रोथ सेंटर्स के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, एपीसीसीएफ नरेश कुमार, अपर सचिव कहकशां नसीम, आनंद श्रीवास्तव, झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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