श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम धामी

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हरिद्वार, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मेला नियंत्रण भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा उत्तराखंड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता और सेवा-भाव का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों से ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ के लक्ष्य के साथ कार्य करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में पिंक टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक, वाटर एंबुलेंस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखने को कहा।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी व्यवस्था लागू करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ट्रैफिक प्रबंधन ऐसा हो कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी हो तथा वीआईपी मूवमेंट से यात्रा प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने होटल, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में खाद्य गुणवत्ता की नियमित जांच, लाइसेंस का स्पष्ट प्रदर्शन और अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। हर की पैड़ी और अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, जल पुलिस की तैनाती, अतिक्रमण हटाने और मानकों से अधिक ऊंची कांवड़ व तेज ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर नियंत्रण रखने को भी कहा।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान महाकुंभ-2027 की तैयारियां प्रभावित न हों और दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ मेले की तैयारियों की जानकारी दी, जबकि विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

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