
देहरादून। सेना से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड सरकार जल्द ही अग्निवीर रोजगार सेल (एआरसी) का गठन करेगी। कर्नल अजय कोठियाल ने दावा किया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां अग्निवीरों को शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में संगठित पहल की जा रही है।
सोमवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अग्निवीरों के लिए रोजगार की व्यापक योजना तैयार की गई है। एआरसी के माध्यम से सेना से लौटने वाले युवाओं की रुचि, अनुभव और कौशल के अनुरूप सरकारी, निजी और कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बदलती बाजार की जरूरतों के अनुरूप अग्निवीरों को तैयार करने के लिए एआरसी विशेष कैप्सूल कोर्स भी संचालित करेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए युवाओं की स्किल को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आसानी से रोजगार मिल सके।
कोठियाल ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दे चुकी है। इसके अलावा एआरसी के माध्यम से उन अग्निवीरों के लिए भी रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे, जो निजी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए 50 से अधिक विभिन्न क्षेत्रों की सूची तैयार की गई है, जिनमें चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
*इन क्षेत्रों में मिलेंगे अवसर*
अग्निवीरों के लिए आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खेल सहित कई अन्य क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं विकसित की जाएंगी।





