
बनबसा में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों पर लगी मुहर, निजी विश्वविद्यालयों, भूमि विनियमितीकरण, वन विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
चंपावत, 4 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चंपावत में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में वित्तीय प्रबंधन, वन भूमि हस्तांतरण, भूमि अधिकार, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर, स्थानीय निकायों, कर्मचारियों, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण के मामलों के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण की जांच के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई गठित करने तथा छह पद स्वीकृत करने का निर्णय लिया। वहीं वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के साथ ही नैनीताल के लालकुआं में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने और देहरादून के जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण को मंजूरी दी गई। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष तक किया जाएगा, इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई। यह राशि नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेनदेन में क्रेता-विक्रेता और अन्य पक्षकारों द्वारा दिए गए पैन के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का फैसला भी लिया गया। इससे फर्जी या गलत पैन के इस्तेमाल पर रोक लगाने और आयकर विभाग को दी जाने वाली जानकारी में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे की अनुमति का प्रावधान भी रहेगा।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। निदेशक नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, नैनीताल और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल, पौड़ी को विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा। इससे वनाग्नि, आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
स्थानीय निकायों के लिए वित्त आयोग की सिफारिशें विधानसभा में आएंगी
छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण सहित वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सिफारिशें दी हैं।
मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधान लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने को भी मंजूरी दी। इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के बाद किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले में सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेंगे।
राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई। इसमें कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के अनुरूप अद्यतन किया जाएगा।
समूह ‘ग’ की भर्ती में बदलाव
समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से जुड़े संशोधन को मंजूरी देते हुए जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाने का निर्णय लिया गया। उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी। इसी क्रम में जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र संबंधी परिशिष्ट से भी बाहर किया जाएगा।
सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। इसमें 11 पद समर्पित किए जाएंगे, जबकि मुख्य आरक्षी के पांच पद बढ़ाने के साथ छह नए पद सृजित किए जाएंगे।
नियोजन विभाग से संबंधित अधिनियम में संशोधन के तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
सिंचाई कानून में बदलाव
मंत्रिमंडल ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करते हुए राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी।
कुक्कुट आहार सब्सिडी का भुगतान अब वर्तमान सीबीडीसी/ई-रूपी व्यवस्था के स्थान पर आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से करने को मंजूरी दी गई। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद भी सृजित किया जाएगा।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल योजना का लाभ
उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 शुरू करने को मंजूरी दी गई। योजना का लाभ राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा। इस योजना पर पांच वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में भी संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20 हजार वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्तावों के लिए अलग मूल्यांकन मानक भी तय किए जाएंगे।
नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
टिहरी जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई। इसके क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उप तहसील के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
इसके अलावा सौंदर्यीकरण उपशाखा को निक्षेपित करने, उत्तराखंड में जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली में संशोधन, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी गई।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए इन पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की।









