
एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक रामलीला पहुंचाने का लक्ष्य, 11 अक्टूबर से रेसकोर्स में होगा मंचन
देहरादून 4 अक्टूबर।पुरानी टिहरी की वर्ष 1952 से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से आयोजित होने वाले ‘भव्य रामलीला महोत्सव-2026’ की स्मारिका का विमोचन किया गया। स्मारिका में पुरानी टिहरी की रामलीला की 1952 से अब तक की यात्रा, ऐतिहासिक विरासत और उपलब्धियों को संजोया गया है। स्मारिका का विमोचन रामलीला समिति के संरक्षक मंडल के सदस्य और वर्ष 1961 से रामलीला में अभिनय कर रहे वरिष्ठ कलाकार बछेंद्र कुमार पांडेय ने किया।
समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि टिहरी बांध के निर्माण के बाद पुरानी टिहरी के जलमग्न होने से यह ऐतिहासिक रामलीला अपनी मूल भूमि से दूर हो गई थी। सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में 21 साल के अंतराल के बाद देहरादून में रामलीला का पुनर्जीवन किया गया। वर्ष 2025 में आयोजित रामलीला को विभिन्न देशों में डिजिटल माध्यम से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा। इस वर्ष आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक रामलीला पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
महोत्सव में संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। लेजर एवं ध्वनि शो के माध्यम से गढ़वाल के गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत किया जाएगा। सीधा प्रसारण, बड़ी डिजिटल स्क्रीन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के जरिए देश-विदेश के दर्शक रामलीला से जुड़ सकेंगे। हालांकि मंचन के संवाद, चौपाइयां, कथा और पारंपरिक शैली में वर्ष 1952 से चली आ रही पुरानी टिहरी की मूल परंपरा को बरकरार रखा जाएगा।
इस वर्ष उत्तराखंड की माटी से जुड़े प्रसिद्ध ‘पंचतत्त्व बैंड’ की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। बैंड 11 अक्टूबर को रामलीला मंचन के प्रथम दिन शाम छह बजे विशेष प्रस्तुति देगा। इसके अलावा भजन संध्या, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य मेला तथा रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी किया जाएगा।
समिति के संरक्षक बछेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि स्मारिका अतीत के गौरव और वर्तमान की उपलब्धियों का संगम है। महोत्सव में देहरादून के साथ टिहरी, भटवाड़ी, उत्तरकाशी, ऋषिकेश समेत विभिन्न क्षेत्रों की रामलीलाओं के अनुभवी कलाकार हिस्सा लेंगे। गढ़वाली फिल्मों की प्रसिद्ध गायिकाएं और कलाकार, ‘प्यारी निर्मला’ तथा ‘है लाली’ फेम शिवानी नेगी भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी।
सचिव अमित पंत ने बताया कि महोत्सव का आयोजन 8 से 25 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में होगा। 8 अक्टूबर से भव्य मेले का शुभारंभ होगा, जबकि 9 अक्टूबर को घंटाघर से रेसकोर्स तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। 11 से 21 अक्टूबर तक रामलीला का मंचन होगा। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद और लंका के पारंपरिक पुतलों का दहन किया जाएगा। 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम का भव्य राजतिलक होगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा, संस्कृति, संवाद और मंचन शैली को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही यह आयोजन उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों और प्रदेश से बाहर रह रहे प्रवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष अभिनव थापर, सचिव अमित पंत, संरक्षक बछेंद्र कुमार पांडेय, नरेश कुमार, सह-सचिव गिरीश पैन्यूली, उपाध्यक्ष दुर्गा भट्ट, नीता बहुगुणा, अजय पैन्यूली, तपेंद्र चौहान, शिवानी नेगी, अनिल नौटियाल, जयेन्द्र पांडे, गबर, केशव समेत समिति के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।








