सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण और तराई के विकास में निभाई अहम भूमिका : धामी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


रुद्रपुर 10 सितंबर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंजाबी और सिख समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति भारत की शक्ति का प्रतीक है। सिख गुरुओं का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, जरूरतमंदों की सेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। तराई क्षेत्र के विकास और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी पंजाबी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को रुद्रपुर के एक निजी होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ के जयकारों से हुआ। सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी समाज ने मेहनत, ईमानदारी और उद्यमशीलता के बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सीमा की रक्षा से लेकर कृषि, उद्योग, व्यापार और आपदा के समय सेवा कार्यों तक समाज की भूमिका अनुकरणीय रही है। उन्होंने कहा कि तराई को बसाने और विकसित करने में पंडित गोविंद बल्लभ पंत का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पंत जयंती पर उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

हेमकुंड साहिब रोपवे का काम आगे बढ़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का सिख समाज से गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक संबंध है। गुरु नानक देव और गुरु गोबिंद सिंह के चरण इस धरती पर पड़े हैं। हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुगम होगी और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिख समाज की आस्था और गौरवशाली परंपराओं को सम्मान देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। करतारपुर साहिब गलियारा, लंगर को करों से मुक्त करना, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति और साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस की घोषणा इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान देने के लिए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से गुरुओं के जीवन से प्रेरणा लेकर मेहनत, अनुशासन, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऐसा विकास सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है, जिसमें आधुनिकता के साथ संस्कार, प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और विकास के साथ विरासत का सम्मान हो।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी देश के विकास में योगदान देता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इस यात्रा में सिख समाज सहित प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, त्रिलोक चीमा, अरविंद पांडे, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कड़ा समेत कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, अधिकारी और सिख समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें