
नई दिल्ली 5 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित NeST Fest-2026 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं और युवाओं का देवभूमि उत्तराखंड की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि देश की उस शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि NeST Fest केवल एक सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और उत्तराखंड के पहाड़ी परिवेश, रहन-सहन और भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजन दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर देश के विभिन्न हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का मजबूत सेतु है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के चमकते हुए मुकुट के समान है और यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्वर्गीय भूपेन हजारिका जैसी पूर्वोत्तर की प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान हस्तियों ने देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर को देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना गया है। दशकों पुरानी ‘लुक ईस्ट’ नीति को आगे बढ़ाते हुए ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘फास्ट ईस्ट’ की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि नए विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, उच्च शिक्षा और कौशल विकास संस्थानों की स्थापना से युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार हुए हैं।
उन्होंने वर्ष 2025 में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का भी उल्लेख किया और कहा कि इनमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। उत्तराखंड से राष्ट्रीय खेलों की मशाल पूर्वोत्तर भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पूर्वोत्तर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेल खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे।
पूर्वोत्तर से उत्तराखंड में शिक्षा ग्रहण करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड आपका अपना घर है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से खूब पढ़ने, खेलने, बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।








