वेयरहाउसिंग समेत स्टोरेज, मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन की मिलेंगी एंड-टू-एंड सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और टर्नअराउंड टाइम तेज करने पर जोर
अहमदाबाद 4 सितंबर। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) मुंद्रा पोर्ट और एसईजेड में डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड (ईसीवाई) ऑपरेशंस शुरू करने जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस पहल से कंटेनर इकोसिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी, कंटेनरों की अनावश्यक आवाजाही कम होगी और लॉजिस्टिक्स लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
एपीएसईजेड के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 तक भारत के कंटेनर मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 45.5 प्रतिशत है। वहीं, अकेले मुंद्रा पोर्ट देश के करीब 35 प्रतिशत कंटेनर ट्रेड को संभालता है। मुंद्रा में हर वर्ष करीब 1.6 मिलियन टीईयू एम्प्टी कंटेनर्स की हैंडलिंग की जाती है।
कंपनी के ‘एंबिशन 2031’ रोडमैप के तहत पूरे नेटवर्क में क्षमता विस्तार के लिए निवेश किया जा रहा है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 6 मिलियन टीईयू से अधिक की अतिरिक्त कंटेनर हैंडलिंग क्षमता जोड़ने की योजना है। इसी दिशा में मुंद्रा में इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग के साथ डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड स्थापित किया जा रहा है।
इस यार्ड में एम्प्टी कंटेनर्स के पूरे लाइफसाइकिल से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें कंटेनरों का स्टोरेज, मेंटेनेंस, इंस्पेक्शन और एक्सपोर्टर्स एवं कंटेनर फ्रेट स्टेशनों तक आसान आवाजाही शामिल होगी।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा कि मुंद्रा में एपीएसईजेड और उसके साझेदारों द्वारा संचालित डेडिकेटेड एम्प्टी कंटेनर यार्ड से कंटेनर इकोसिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे टर्नअराउंड टाइम कम होगा, कंटेनरों की गैर-जरूरी आवाजाही घटेगी और लॉजिस्टिक्स लागत को ऑप्टिमाइज करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ट्रेड-एनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भारत की आर्थिक वृद्धि और विकसित भारत के विजन को समर्थन देने की कंपनी की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कंपनी के अनुसार, यह पहल सरकार के अधिक कुशल और तकनीक आधारित लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के उद्देश्य के अनुरूप है। मुंद्रा पोर्ट एसईजेड के भीतर एम्प्टी कंटेनर ऑपरेशंस होने से कस्टम्स अधिकारियों, शिपिंग लाइंस, टर्मिनल ऑपरेटर्स और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर समन्वय में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
एपीएसईजेड वर्तमान में भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर 16 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का नेटवर्क संचालित करता है। कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 653 मिलियन टन प्रति वर्ष है और उसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट हासिल करना है।









