देहरादून 01 सितंबर। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पंचम बाल विधानसभा-2026 के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य में बच्चों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने, बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करने और बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच देने के उद्देश्य से द्विवर्षीय बाल विधानसभा का गठन किया जाएगा।
बाल संरक्षण आयोग के सचिव शिव कुमार वरनवाल ने बताया कि राज्य के सभी 13 जनपदों से 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के कुल 70 बालक-बालिकाओं का चयन बाल विधायक के रूप में किया जाएगा। इनमें से बाल मुख्यमंत्री का भी चयन किया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से एक मुख्य छात्र या छात्रा और एक स्टैंडबाय प्रतिभागी का चयन किया जाएगा।
बाल विधायकों का चयन निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से होगा। इच्छुक विद्यार्थियों को 250-250 शब्दों के दो निबंध लिखने होंगे। पहला विषय “आपके क्षेत्र में आमजन को प्रभावित करने वाले मुख्य मुद्दे क्या हैं और बाल विधायक के रूप में आप उनका निराकरण कैसे करेंगे” तथा दूसरा विषय “यदि आप बाल विधायक बनते हैं तो बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए क्या प्रयास करेंगे” निर्धारित किया गया है।
प्राप्त निबंधों के आधार पर प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपद में पूरी चयन प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
आयोग ने चयन प्रक्रिया के लिए समय-सीमा भी निर्धारित कर दी है। इच्छुक विद्यार्थियों को 7 सितंबर तक अपने प्रधानाचार्य के पास निबंध जमा करना होगा। प्रधानाचार्य 10 सितंबर तक निबंध मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद 10 से 15 सितंबर के बीच पांच सदस्यीय ज्यूरी समिति निबंधों का मूल्यांकन कर चयन करेगी।
ज्यूरी समिति में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अथवा सदस्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी या उनके प्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम अधिकारी अथवा जिला प्रोबेशन अधिकारी और इंटरमीडिएट स्तर से कम नहीं होने वाले दो प्रवक्ता शामिल होंगे।
चयनित बाल विधायकों की सूची, जिसमें नाम, आयु, लिंग, कक्षा, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर और संबंधित विधानसभा क्षेत्र का विवरण होगा, 20 सितंबर तक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ आयोग को उपलब्ध करानी होगी। चयन प्रक्रिया के बाद 26 सितंबर को ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा बाल विधानसभा-2026 के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश और समन्वय के लिए आयोग की अध्यक्ष के नेतृत्व में 5 सितंबर को अपराह्न 3:30 बजे ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अथवा जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा बाल कल्याण समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों की सहभागिता अपेक्षित है।
आयोग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से विधानसभा क्षेत्रवार निर्धारित मानदंडों के अनुसार एक मुख्य और एक स्टैंडबाय छात्र या छात्रा का चयन कर निर्धारित समयावधि में आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।









