
टनकपुर(चम्पावत) 01 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल महाकुम्भ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश की ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है। खेल महाकुम्भ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को न्याय पंचायत स्तर से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष खेल महाकुम्भ को अधिक व्यापक स्वरूप दिया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे और करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष से खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों की प्रतिभा, मेहनत और सपनों का सम्मान है।
धामी ने कहा कि वर्ष 2017 में गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से खेल महाकुम्भ की शुरुआत की गई थी और अब यह अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष इसमें 2 लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और कठिन परिस्थितियों में दोबारा खड़े होने की प्रेरणा भी देते हैं। राज्य सरकार खेलों को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर खिलाड़ियों को सुविधाएं और अवसर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। इसके अलावा 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आधुनिक खेल अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया जा चुका है। खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की गई है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से पूर्ण समर्पण और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की शुरुआती और महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
खेल महाकुम्भ-2026 के तहत 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के अलावा महिला ओपन तथा दिव्यांगजन महिला और पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।









