हरिद्वार में प्रदेश के पहले ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ का शिलान्यास

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हरिद्वार 13 जुलाई।उत्तराखंड में गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायालय में विचाराधीन 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के लिए पहली बार अलग ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ बनाया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार के रोशनाबाद में 5.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रदेश के पहले अत्याधुनिक ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ भवन का शिलान्यास किया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह समाज के सबसे कमजोर और भटके हुए वर्ग के प्रति कितनी जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि ऐसे किशोरों के जीवन को नई दिशा देने वाला सुधारात्मक और सुरक्षित केंद्र होगा।
उन्होंने बताया कि किशोर न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुधारकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कई बार 16 से 18 वर्ष के किशोर परिस्थितियों, गलत संगति या मार्गदर्शन के अभाव में अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे किशोरों को सजा प्राप्त अपराधियों के साथ रखना उनके भविष्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके लिए अलग ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की व्यवस्था की है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र में मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की व्यवस्था के साथ शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास की सुविधाएं भी विकसित की जाएं, ताकि यहां रहने वाले किशोर आत्मविश्वास और हुनर के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक आदेश चौहान, विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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