टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम से एससी छात्रों को मिल रही नई उड़ान

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नई दिल्ली, 7 जुलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम (अनुसूचित जाति छात्रों के लिए) देशभर के मेधावी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली एससी छात्रों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का अवसर प्रदान कर रही है, जिससे वे तकनीक, कानून, प्रबंधन, डिजाइन, शोध और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रहे हैं।

योजना के तहत आठ लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के मेधावी छात्रों को IIT, NIT, IIIT, IIM, NLU, NID समेत अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च, किताबें, कंप्यूटर और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
वर्ष 2007-08 में शुरू हुई इस योजना के तहत जहां शुरुआत में केवल 195 छात्रों को लाभ मिला था, वहीं 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 4,742 हो गई है। इसी अवधि में योजना पर वार्षिक खर्च 2.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 117.19 करोड़ रुपये पहुंच गया है।योजना के लाभार्थियों ने देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थानों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। IIIT इलाहाबाद के छात्र अमूल शटूरिया को 56 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर अग्रणी टेक कंपनी में नौकरी मिली, जबकि सुष्मिता पोथुराजू का चयन 45 लाख रुपये के पैकेज पर अमेजन में हुआ। IIT पालक्काड की छात्रा थंबल्ला सिंधु का चयन लार्सन एंड टुब्रो कंस्ट्रक्शन में और नालन एस का चयन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में हुआ।
योजना का लाभ केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है। भारतीय प्लांटेशन प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु की बोग्गिति शाइनी जैस्पर ने कॉरपोरेट क्षेत्र में सफलता हासिल की, जबकि महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के ऋषभ भास्कर लाडे IDBI बैंक में असिस्टेंट लीगल मैनेजर बने। राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद की छात्रा वार्तिका सोनकर ने ज्वेलरी डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई, वहीं शोधार्थी चिंतला संजय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रतिभाशाली युवाओं को आत्मविश्वास, अवसर और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का मंच प्रदान कर रही है। योजना के माध्यम से तैयार हो रहे युवा भारत को ज्ञान-आधारित, समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ।

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