
देहरादून, 7 जून। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित की है। भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पुरी में आयोजित ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) कार्य समूह की द्वितीय तकनीकी बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की गई। तीन से पांच जून तक आयोजित इस बैठक में 11 ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
बैठक में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी और यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार ने किया। उन्होंने राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार तथा प्रभावी राहत एवं बचाव तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
प्रस्तुति में हिमालयी राज्य उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, हिमनदीय झीलों से उत्पन्न जोखिम, सड़क अवरोध तथा तीर्थयात्राओं से जुड़े खतरों का उल्लेख करते हुए राज्य की बहु-एजेंसी समन्वय प्रणाली, पूर्व चेतावनी व्यवस्था और त्वरित राहत-बचाव तंत्र को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
सम्मेलन में सिल्क्यारा सुरंग बचाव अभियान और धराली आपदा प्रबंधन कार्यों को उत्तराखंड के सफल आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तकनीक, प्रशासनिक समन्वय, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।बैठक के दौरान उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की सराहना की गई। साथ ही एसडीआरएफ की त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आदर्श आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, क्षमता निर्माण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार सशक्त बनाया जा रहा है। वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार ने कहा कि भू-स्थानिक तकनीक, दूरसंवेदी प्रणाली, डेटा विश्लेषण और पूर्व चेतावनी तंत्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अधिक प्रभावी बना रहे हैं तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने में तकनीक आधारित समाधान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ब्रिक्स देशों की इस महत्वपूर्ण बैठक में सहयोग बढ़ाने, तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करने, सामुदायिक स्तर पर तैयारी को मजबूत बनाने तथा वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति बनी। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ और संबंधित एजेंसियों के निरंतर प्रयासों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।








