देहरादून | 14 मई 2026 ।
देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। ज्योति रौतेला समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि 11 मई 2026 को ज्योति रौतेला और नर्सिंग बेरोजगार संगठन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर प्रतिबंधित पेयजल विभाग की पानी की टंकी परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर गए और टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। काफी समझाने के बावजूद वे नीचे नहीं उतरे और लगातार अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाते रहे।इस दौरान बड़ी संख्या में अन्य प्रदर्शनकारी टंकी के नीचे एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे, जिससे परेड ग्राउंड क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
12 मई को मामला और गंभीर हो गया, जब ज्योति रौतेला ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी दी और माचिस भी निकाल ली। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार समझाइश कर उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोका।
इसी बीच नर्सिंग एकता मंच और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर जाम लगाकर यातायात बाधित कर दिया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर सड़क जाम खुलवाया गया।
13 मई को प्रदर्शनकारियों के दबाव और आत्मदाह की चेतावनी के बीच प्रशासन ने उनकी मांगों का प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बाद प्रशासन के आग्रह पर ज्योति रौतेला अपने चार साथियों के साथ पानी की टंकी से नीचे उतर आईं।
पुलिस ने पूरे प्रकरण में सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने, सरकारी कार्यों में बाधा डालने, आदेशों की अवहेलना, सड़क जाम और आत्मदाह की धमकी जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।कोतवाली डालनवाला में दर्ज मुकदमा संख्या 74/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 221, 223, 226, 292, 329(3) तथा पेट्रोलियम अधिनियम की धारा 23 के तहत कार्रवाई की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सड़क जाम, प्रदर्शन और टंकी पर चढ़ने की वजह से न सिर्फ यातायात बाधित हुआ बल्कि पेयजल और अन्य सरकारी कार्यों पर भी असर पड़ा। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







