20 और चैंबर बनाने को 2.5 करोड़ की घोषणा
खटीमा, 15 फरवरी । पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ रुपये की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व और नए चैम्बर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भवन न्यायिक विमर्श और विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और अधिवक्ताओं के साथ आम जनता को भी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न्याय व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर वर्तमान जरूरतों के अनुरूप नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ई-कोर्ट्स परियोजना, फास्ट ट्रैक एवं विशेष न्यायालय, महिला व बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट जैसी पहलों से न्याय प्रणाली अधिक सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद बनी है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से न्यायालयों में समय की बचत हुई है और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। इससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक वैज्ञानिक और प्रमाणिक हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद देशभर में हजारों न्यायालय भवनों और आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया गया है। इसी से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार भी उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने और विधि शिक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा क्षेत्र का चहुंमुखी विकास किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबरों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, केडी भट्ट सहित अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।








