
देहरादून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में जिला मुख्यालय देहरादून सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता के न्यायालयों में विभिन्न मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल, पारिवारिक, चेक बाउंस, शमनीय आपराधिक मामलों समेत विभिन्न प्रकृति के मामलों की सुनवाई की गई। जनपद देहरादून में कुल 5844 मामलों का निस्तारण करते हुए 13 करोड़ 36 लाख 35 हजार 816 रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया।
इनमें फौजदारी के शमनीय प्रकृति के 251 मामले, चेक बाउंस के 515, धन वसूली के 17, मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल के 14, पारिवारिक विवाद के 105, पब्लिक यूटिलिटी सर्विस के 26, मोटर वाहन अधिनियम के 4835, उपभोक्ता फोरम के 12, आर्बिट्रेशन के 9 तथा अन्य सिविल प्रकृति के मामलों का निस्तारण शामिल रहा।
बाह्य न्यायालय विकासनगर में 978 मामलों का निस्तारण कर 22.67 लाख रुपये से अधिक राशि पर समझौता हुआ। ऋषिकेश न्यायालय में 537 मामलों का निस्तारण करते हुए 2.31 करोड़ रुपये, डोईवाला में 242 मामलों में 22.80 लाख रुपये तथा मसूरी न्यायालय में 56 मामलों में 47.55 लाख रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया।
श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालतें न्याय प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ समाज में सौहार्द, भाईचारे और सामंजस्य को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा मामलों के निस्तारण के बाद पक्षकारों को जमा न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न बैंकों एवं संस्थानों के प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का भी निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 3236 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण कर 2 करोड़ 18 लाख 40 हजार 185 रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया।







