काशीपुर, 10 फरवरी।
प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने काशीपुर में आयोजित विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी बिल–2025 पर आधारित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए ग्रामीण रोजगार से जुड़ी नीतियों और प्रावधानों की जानकारी साझा की।
मंत्री ने कहा कि मनरेगा को समाप्त किए जाने संबंधी विपक्ष की ओर से फैलायी जा रही बातें पूरी तरह निराधार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में योजना को और अधिक सशक्त बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में जवाहर रोजगार योजना से शुरू हुई यह पहल समय के साथ विभिन्न रूपों में आगे बढ़ती रही है।
गणेश जोशी ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 के स्थान पर 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजना में सामान्य राज्यों के लिए 60:40 तथा हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 का केंद्र-राज्य वित्तीय अनुपात तय है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की जरूरतों को देखते हुए रिटेनिंग वॉल जैसे कार्यों को भी अनुमन्य श्रेणी में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि कृषि कार्य के व्यस्त समय को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार वर्ष में 60 दिन ऐसे निर्धारित कर सकेगी, जब योजना के अंतर्गत काम नहीं कराया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत बनी परिसंपत्तियों के रखरखाव, स्थायी संपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास तथा कृषि और आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, राज्यमंत्री विनय रोहिला, राज्यमंत्री मंजीत राजू, मेयर दीपक बाली, जिलाध्यक्ष मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख चंद्र प्रथा, गुरविंदर चंडोक, मंडल अध्यक्ष अर्जुन, बृजेश पाल, जसपाल जस्सी, जिला महामंत्री अमित नारंग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।








