
किसान आत्महत्या मामले में दोषियों को कठोर सजा दिलाने को सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून, 13 जनवरी।
भाजपा विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किए जा रहे लगातार प्रदर्शनों को कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि काशीपुर किसान आत्महत्या प्रकरण में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए विनोद चमोली ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा देर रात किए गए धरना-प्रदर्शन केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद हरीश रावत अपनी ही पार्टी में हाशिए पर चले गए हैं, इसी कारण वे सोशल मीडिया और हर छोटी-बड़ी घटना में अपनी भूमिका तलाशने का प्रयास कर रहे हैं, भले ही यह उनके पद, गरिमा और उम्र के अनुरूप न हो। उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष होने के कारण कांग्रेस और हरदा इस तरह का राजनीतिक पराक्रम दिखा रहे हैं।
थानों में धरना-प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर कटाक्ष करते हुए चमोली ने कहा कि अंकिता प्रकरण में सीबीआई जांच की घोषणा के बाद कांग्रेस पूरी तरह हताश हो गई है। कांग्रेस नेताओं को लग रहा है कि उनके हाथ से एक बड़ा मुद्दा निकल गया है, इसलिए वे अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि कैबिनेट मंत्री के पति से जुड़ा मामला अल्मोड़ा जनपद से संबंधित है और वहां कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, वह निष्पक्ष रूप से की जाएगी। किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी।
काशीपुर में किसान द्वारा आत्महत्या की घटना को विनोद चमोली ने अत्यंत दुखद और गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस मामले में तत्काल सख्त और संवेदनशील कार्रवाई की जा रही है। एसआईटी का गठन कर दिया गया है और प्रारंभिक जांच में लापरवाही के आरोपी पाए गए पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। आगे जांच में जो भी दोषी सामने आएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े अब तक के सभी मामलों में भाजपा सरकार ने निष्पक्ष, त्वरित और कठोर कार्रवाई की है। इस दुखद प्रकरण में भी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे बढ़ते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







