पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को निरंजनपुर, देहरादून में राज्यभर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार पशुपालन और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव, किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना”, “राष्ट्रीय पशुधन मिशन”, “राष्ट्रीय गोकुल मिशन” और “पशुपालन अवसंरचना विकास कोष” जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उत्तराखंड के पशुपालकों को भी मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के तहत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान दिया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली योजनाओं से भी हजारों लोगों को स्वरोजगार मिला है। पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से 11 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं तथा प्रत्येक जनपद में मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चयनित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को पिछले वर्ष लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की पारंपरिक बद्री गाय के ‘बद्री घी’ को देश में पहला जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जिससे उसे वैश्विक पहचान मिली है।उन्होंने कहा कि ट्राउट फार्मिंग उत्तराखंड में स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। सरकार द्वारा ट्राउट प्रोत्साहन योजना के तहत 170 करोड़ रुपये की योजना संचालित की जा रही है तथा उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ट्राउट हैचरी स्थापित की जा रही हैं।संवाद कार्यक्रम में हरिद्वार के पशुपालक हरिकिशन लखेड़ा और डोईवाला के अमित सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं से जुड़कर उन्होंने रोजगार और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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