टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज

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देहरादून, 07 मई ।मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में टिहरी झील क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की “एक राज्य-एक ग्लोबल डेस्टिनेशन” अवधारणा के तहत टिहरी झील रिंग रोड एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टिहरी क्षेत्र के विकास के लिए एक व्यापक एवं हॉलिस्टिक प्लान तैयार किया जाए, जिसमें पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) इस परियोजना के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) के रूप में कार्य करेगी।बैठक में टिहरी झील रिंग रोड, आइकोनिक ब्रिज, हरित पैदल मार्ग, ईको पार्क, प्राकृतिक व्यू पॉइंट्स, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर टूरिज्म सुविधाओं को योजना में शामिल करने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है, लेकिन इसकी पूरी कार्ययोजना एक साथ तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने टिहरी तक एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी मजबूत करने, सड़कों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण और नए मार्गों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।मुख्य सचिव ने परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट को शामिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि आइकोनिक पुलों के डिजाइन में सी-प्लेन संचालन की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा जाए। डोबराचांटी पुल के समीप स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी विभागों और संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया ताकि टिहरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार, अभिषेक रोहिला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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