माता
-पिता की भावनाओं के अनुरूप होगा अगला निर्णय : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
सरकार की सशक्त पैरवी से तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा : सीएम
देहरादून 06 जनवरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। सरकार ने इस पूरे मामले में गंभीरता, संवेदनशीलता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने मामले के प्रत्येक पहलू की सूक्ष्मता से जांच की। सरकार की सशक्त और प्रभावी न्यायालयीय पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान में किसी कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता के साथ अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।
सीबीआई जांच के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता की भावनाएं बेटी अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक पीड़ा उसके माता-पिता को हुई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से संवाद करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे कोई भी निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।






