जेल विकास बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय, कौशल विकास व आय–वृद्धि पर जोर
देहरादून 11 दिसंबर।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जेल विकास बोर्ड की बैठक में राज्य की जेलों के व्यापक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सभी जेलों में ‘एक जेल–एक प्रोडक्ट’ मॉडल विकसित किया जाए, जिससे बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास और जेलों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कारागारों में निरुद्ध बंदियों के लिए नियमित कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा आईटीआई के माध्यम से विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षण की ठोस व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जेलों के विकास के लिए उत्तराखंड अपना विशिष्ट मॉडल तैयार करेगा, जो आत्मनिर्भरता और उत्पादकता पर आधारित होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि जेलों में तैयार उत्पादों का सरकारी कार्यालयों में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता पर समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
केन्द्रीय कारागार सितारगंज, जिला कारागार अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, उपकारागार हल्द्वानी और रूड़की में आधुनिक लॉन्ड्री मशीनें स्थापित की जाएंगी।
देहरादून और हरिद्वार जेल में इस व्यवस्था से मिले अच्छे परिणामों के बाद इसका विस्तार किया जा रहा है।
सभी जेलों में चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
सितारगंज की खुली जेल में कच्ची घानी सरसों तेल संयंत्र लगाने की सहमति।
सितारगंज और हरिद्वार जेल में मशरूम फार्मिंग शुरू करने को मंजूरी।
हरिद्वार, अल्मोड़ा, सितारगंज और हल्द्वानी जेलों में संचालित बेकरी यूनिट्स ने लगभग 12 लाख रुपये की आय अर्जित की है।
सितारगंज खुली जेल में स्थापित गौशाला से 10 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगोली, एडीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव सी. रविशंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





