देहरादून, 25 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से भारत में रह रही दो बांग्लादेशी महिलाओं को पकड़ा है। इनमें से एक महिला ने फर्जी भारतीय पहचान बनाकर “भूमि शर्मा” के नाम से देहरादून में एक हिंदू युवक से विवाह कर लिया था और विभिन्न सरकारी दस्तावेज हासिल कर भारत में रह रही थी, जबकि दूसरी महिला मजदूरी करते हुए गुपचुप तरीके से शहर में रह रही थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में अपना वास्तविक नाम बबली खातून पत्नी मोहम्मद मुनजु निवासी जिला गायबन्दा, बांग्लादेश बताया। कोविड के दौरान वह चोरी-छिपे बॉर्डर पार कर भारत आई थी। वर्ष 2021 में देहरादून पहुंचने के बाद उसने 2022 में एक हिंदू युवक से विवाह किया और भूमि शर्मा के नाम से आधार, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वोटर आईडी सहित विभिन्न दस्तावेज बनवा लिए। पुलिस ने महिला के कब्जे से सभी फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ बांग्लादेशी आईडी भी बरामद किया है। उसके खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में धारा 420, 467, 468, 471 भादवि, पासपोर्ट अधिनियम एवं विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करने वालों की तलाश की जा रही है और पुलिस ने ऐसे लोगों को भी राडार पर ले लिया है। इसी दौरान पुलिस ने कारगी रोड कालिंदा विहार फेज–2 से दूसरी महिला को हिरासत में लिया जिसने पूछताछ में अपना नाम बॉबी खातून पुत्री मोहम्मद ब्लूमिया पत्नी मोहम्मद रूबेल निवासी बोगुरा, बांग्लादेश बताया। वह वर्ष 2023 में छिपकर भारत आई थी और देहरादून में मजदूरी कर जीवनयापन कर रही थी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उसे जल्द बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा। पुलिस के अनुसार अब तक ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस द्वारा अवैध रूप से जनपद में रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें 8 नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और 9 नागरिकों को भारत से डिपोर्ट किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और फर्जी पहचान के सहारे रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कोई राहत नहीं मिलेगी।








