देहरादून 22 नवम्बर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पर प्रदेश के IAS अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ और युवा आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के संदर्भ में राज्य प्रशासन की कार्यशैली और जनसेवा के प्रति संवेदनशीलता को और मजबूत बनाना था।
- मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प “ये दशक उत्तराखंड का दशक” केवल नारा नहीं, बल्कि एक दायित्व है, जिसे पूरा करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्ष प्रदेश की दिशा और दशा तय करेंगे और इसके लिए तेज़, पारदर्शी और परिणाम-आधारित प्रशासनिक कार्यशैली अनिवार्य है।सीएम धामी ने साफ निर्देश देते हुए कहा कि फाइलों में अनावश्यक देरी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी निर्णय लक्ष्य आधारित, समयबद्ध और जन-केंद्रित हों ताकि योजनाओं का लाभ जमीन पर तुरंत दिखाई दे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट और परिणाम मापनीय होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि IAS अधिकारियों की भूमिका सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज सेवा का पवित्र अवसर है। उन्होंने कहा—“पद की प्रतिष्ठा कार्यकाल तक होती है, लेकिन कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है।”सीएम धामी ने अधिकारियों से संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया और कहा किजनता का विश्वास ही प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है, और उसे हर हाल में बनाए रखना है।”उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि लालफीताशाही, उदासीनता और शिकायतों की अनदेखी से प्रशासन की छवि आहत होती है, इसलिए प्रदेश के हर जिले और विभाग में तेज़ निर्णय, मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग और स्थलीय निरीक्षण को अनिवार्य बनाया जाए।मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक इतिहास के ईमानदार व प्रेरक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के कई अधिकारियों ने अपनी निष्ठा और जनसेवा से समाज पर स्थायी छाप छोड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड के IAS अधिकारी भी इसी भावना के साथ काम जारी रखेंगे।कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) से जुड़े अनुभव और अब तक हुए विचार-विमर्श साझा किए।बैठक का समापन मुख्यमंत्री के इस संदेश के साथ हुआ कि
उत्तराखंड सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है और प्रशासनिक तंत्र इस यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
Author: Day Night Khabar
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