प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ का 10वां संस्करण सम्पन्न, 32 असहाय बालिकाओं की शिक्षा फिर हुई पुनर्जीवित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

देहरादून 14 नवंबर। आर्थिक रूप से वंचित, अनाथ और असहाय बालिकाओं को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा का 10वां संस्करण शुक्रवार को जिला कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 32 बालिकाओं को 13 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।

मुख्य अतिथि राजपुर विधायक खजान दास और जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सहायता राशि प्रदान की। विधायक ने इस पहल को “अभिनव और प्रेरक” बताते हुए कहा कि मां भवानी के नाम पर शुरू किए गए इस अभियान से अब तक 90 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित हो चुकी है और लगभग 32 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

विधायक खजान दास ने जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि डीएम सविन बंसल जनहित के कार्यों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कार्य सराहनीय हों तो उनकी प्रशंसा अवश्य होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की रुचि को न दबाएँ और उन्हें अपने सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि गरीब, अनाथ और असहाय बेटियों की शिक्षा को फिर से जीवित करना ही प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि “हमारे जीवन की वास्तविक नंदा-सुनंदा ये बेटियां ही हैं।”

डीएम ने बालिकाओं से कहा कि वे अपनी ‘सपार्क’ को बनाए रखें और लक्ष्य की दिशा में लगातार मेहनत करें। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना तभी सफल होती है जब उच्च स्तर से सहयोग मिलता है और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिले में सभी कल्याणकारी योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

डीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बेटियों को हर परिस्थिति में प्रोत्साहित करें, क्योंकि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे बड़ा हथियार है।

कार्यक्रम में एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, लाभान्वित बालिकाएं और उनके अभिभावक शामिल रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें