ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी बोले— उत्तराखंड का मॉडल देश के लिए बना प्रेरणा स्रोत
देहरादून 10 नवंबर ।
राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर रविवार को सर्वे ऑफ इंडिया सभागार, हाथीबड़कला में आयोजित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डी.डी.यू.-जी.के.वाई.) के पूर्व छात्र मिलन-2025 में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्वलन कर की। इस मौके पर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में योजना के तहत प्रशिक्षित होकर रोजगार प्राप्त कर चुके 150 से अधिक पूर्व छात्र शामिल हुए।
मंत्री जोशी ने बताया कि वर्ष 2019 से 2024 तक राज्य को 26,800 युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें से अब तक 26,000 से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है और 21,000 से अधिक को रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 19 क्षेत्रों में 90 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम स्वीकृत हैं और वर्तमान में 1,119 अभ्यर्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के क्रियान्वयन में उत्तराखंड लगातार पाँच वर्षों से देशभर के 30 राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी।
मंत्री जोशी ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे न केवल प्रशिक्षित युवाओं को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है, बल्कि यह वर्तमान प्रशिक्षुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनता है। कार्यक्रम में कई पूर्व छात्रों ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जिससे उपस्थित प्रशिक्षुओं में आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में उत्तराखंड ने देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री ने सभी प्रशिक्षित युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास आयुक्त अनुराधा पाल, ए.के. राजपूत सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








