
देहरादून 10 नवंबर। मुख्यमंत्री घोषणाओं की क्रियान्वयन स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी प्रोएक्टिव होकर घोषणाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुकी, गतिमान और बाधित घोषणाओं का स्पष्ट वर्गीकरण कर वित्तीय एवं भौतिक प्रगति रिपोर्ट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत की जाए।मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं का क्रियान्वयन किसी कारणवश प्रारंभ नहीं हो सका है, उनकी समस्या की प्रकृति और कारण सात दिन में स्पष्ट रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत की जाए।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 777 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है और 583 घोषणाएं अब भी अपूर्ण हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी विभाग अपनी घोषणाओं की स्थिति का अद्यतन विवरण समयबद्ध तरीके से दें ताकि शासन स्तर पर समग्र समीक्षा की जा सके।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य स्थापना दिवस, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को उच्च प्राथमिकता में लेकर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घोषणाएं जो बिना किसी बाधा के प्रारंभ की जा सकती हैं, उनके तत्काल प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं।मुख्य सचिव ने कहा कि जिन घोषणाओं के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, उनका प्रथम स्तर पर सचिव स्तर पर निस्तारण किया जाए। यदि सचिव स्तर पर समाधान संभव न हो, तो प्रकरणों को उनके स्तर पर प्रस्तुत किया जाए ताकि समय पर निर्णय लिया जा सके।मुख्य सचिव ने सचिव एस.एन. पांडेय को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी के लिए सशक्त मेकैनिज्म तैयार करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में प्रगति धीमी या असंतोषजनक है, उनकी दैनिक समीक्षा करते हुए व्यक्तिगत रूप से सुधार कराया जाए।बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय, जगदीश कांडपाल, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर.सी. शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








