ईगास बग्वाल पर देहरादून में झलकी टिहरी की लोक-संस्कृति

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

टिहरी स्मृति एवं विस्थापित एकता मंच ने मनाया लोकपर्व, लोकनृत्य और भक्ति से गूंजा प्रेस क्लब परिसर

देहरादून, 2 नवम्बर। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में टिहरी स्मृति एवं विस्थापित एकता मंच ने लोकपर्व ईगास बग्वाल का भव्य आयोजन उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में किया। आयोजन में प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता की झलक देखने को मिली।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री श्रीमती विनोद उनियाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में टिहरी प्रतिकृति के निर्माता श्री सुबोध बहुगुणा तथा श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 (पंजी) देहरादून के अध्यक्ष श्री अभिनव थापर मौजूद रहे। उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र कंडारी ने भी कार्यक्रम में अतिथि स्वरूप उपस्थिति दर्ज की।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद हिल फाउंडेशन की बालिकाओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया।स्वागत संबोधन में  विनोद उनियाल ने कहा, “ईगास बग्वाल हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ सामुदायिक एकता को मजबूत करता है।”इसके बाद तबला वादक निकुंज ध्यानी की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। अभिनव थापर ने कहा कि लोक पर्व हमारी पहचान हैं और इन्हें पूरे उत्साह से मनाना चाहिए। उन्होंने टिहरी की प्राचीन रामलीला के पुनर्जीवन को युवा पीढ़ी से संस्कृति के जुड़ाव का माध्यम बताया। सुबोध बहुगुणा ने मंच द्वारा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में श पल्लवी पैन्यूली, श्रीमती नीलम कपलवां,  रीना बहुगुणा,  इंदु बहुगुणा,  जोत सिंह बिष्ट,  चन्द्र स्वामी,  प्रमोद बहुगुणा,  विनोद बहुगुणा समेत अनेक गणमान्य नागरिक और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राची जुयाल ने संयम और गरिमा के साथ किया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद पारंपरिक भेलों खेल और पहाड़ी जलपान का आनंद लिया गया। पूरा आयोजन उत्साह, उमंग और उत्तराखंडी संस्कृति की जीवंतता से सराबोर रहा।

Leave a Comment

और पढ़ें