राष्ट्रपति ने कहा – उत्तराखंड ने 25 वर्षों में हासिल किए प्रभावशाली विकास लक्ष्य

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शी शासन की सराहना की

‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

देहरादून 3 नवंबर।
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में उपस्थित होना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने राज्य के सभी पूर्व और वर्तमान विधायकों तथा प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में यहां की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप किया गया था। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों की यात्रा में उत्तराखंड ने पर्यावरण, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रगति की है। डिजिटल और भौतिक कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय विकास किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकास के समग्र प्रयासों से राज्य में ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स के कई मानकों में सुधार हुआ है। उन्होंने साक्षरता दर में वृद्धि, महिलाओं की शिक्षा के विस्तार, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राज्य सरकार की सराहना की।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में उत्तराखंड के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि सुशीला बलूनी, बछेंद्री पाल, गौरा देवी, राधा भट्ट और वंदना कटारिया जैसी असाधारण महिलाओं की गौरवशाली परंपरा राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताया और विधायिका में महिलाओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड की देवभूमि की अध्यात्म और शौर्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट के नाम से ही यहां के वीर सैनिकों की शौर्य गाथा झलकती है। उन्होंने समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने के लिए उत्तराखंड विधानसभा की विशेष प्रशंसा की और कहा कि यह संविधान निर्माताओं की भावना के अनुरूप एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता, सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। जनता की समस्याओं के समाधान और कल्याण के कार्यों में विधायकगण सेवा-भाव से जुटें, यही सच्चा जनसेवा का मार्ग है। उन्होंने सभी दलों के विधायकों से कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किए जाने चाहिए।

राष्ट्रपति ने विधानसभा में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक विधान एप्लिकेशन (NEVA) प्रणाली के शुभारंभ की सराहना करते हुए कहा कि यह डिजिटल पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में सराहनीय पहल है।

प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को अपनी अनुपम प्राकृतिक संपदा और सौंदर्य को सुरक्षित रखते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना होगा।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा विधायकों के योगदान से ही संभव हो पाई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन-आकांक्षाओं को सक्रिय अभिव्यक्ति देकर राज्य ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ तेजी से आगे बढ़ेगा।

अंत में राष्ट्रपति ने प्रदेशवासियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करते हुए कहा कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश के विकास की नई ऊँचाइयाँ छुएगा।

Leave a Comment

और पढ़ें