यूके ट्रिपल एससी पेपर लीक पर कांग्रेस का सरकार पर हमला — सीबीआई जांच पर सवाल, भाजपा नेताओं के बयान बने साक्ष्य

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देहरादून, 21 अक्टूबर।
यूके ट्रिपल एससी स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन जांच की दिशा पर सस्पेंस बरकरार है। इसी मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने आज राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए तीन बड़े सवाल उठाए —
सीबीआई जांच का क्या हुआ? पेपर किसने लीक किया? और यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया अब तक पद पर क्यों बने हुए हैं?

धस्माना ने कहा कि 21 सितंबर को हुए पेपर लीक के तुरंत बाद कांग्रेस ने सरकार से मांग की थी कि जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, परीक्षा निरस्त कर पुनः आयोजित की जाए और आयोग अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया को बर्खास्त किया जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन भी चलाया था।

उन्होंने कहा कि जनदबाव और कांग्रेस के आंदोलन के बाद ही मुख्यमंत्री को छात्रों के बीच जाकर सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी। एकल सदस्य न्यायिक आयोग (जस्टिस यू.सी. ध्यानी) ने रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसके बाद परीक्षा निरस्त कर नई तिथि घोषित कर दी गई। लेकिन अब एक महीना बीतने के बावजूद सीबीआई जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है और सरकार ने पेपर लीक कराने वालों की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

धस्माना ने आरोप लगाया कि सरकार और आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कुछ युवा नेता अब खामोश हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और प्रदेश का हर बेरोजगार यह जानना चाहता है कि आखिर नकल माफिया का पर्दाफाश कब होगा और लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं को शीघ्र संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कांग्रेस आगे की आंदोलन रणनीति तय करेगी।

भाजपा नेताओं के बयान से कांग्रेस को मिला समर्थन

पत्रकारों के सवाल पर धस्माना ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता खजान दास और बिशन सिंह चुफाल के हालिया बयानों ने कांग्रेस के आरोपों को सही साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा, “खजान दास ने स्वीकार किया है कि प्रभारी मंत्री अपने जिलों में नहीं जा रहे, जबकि बिशन सिंह चुफाल ने खुद माना है कि अधिकारी मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आदेशों को नहीं मान रहे। यह दर्शाता है कि राज्य की नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है और सरकार नियंत्रण खो चुकी है।”

धस्माना ने कहा कि कांग्रेस वर्षों से जिस प्रशासनिक अव्यवस्था और शासन-शिथिलता की बात कर रही थी, उसे अब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने खुद स्वीकार कर लिया है।

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