देहरादून 18 अक्टूबर।

धनतेरस के अवसर पर पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने मुख्यालय विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में पिटकुल परिवार को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर में कार्यरत नियमित और संविदा कर्मचारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया और दीपावली पर्व पर 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एमडी ध्यानी ने कहा कि पिटकुल परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ के मंत्र पर चलते हुए प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
एमडी ने बताया कि दीपावली पर्व के दौरान 18 से 21 अक्टूबर तक संवेदनशील उपकेंद्रों और क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे। उन्होंने सभी से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में पिटकुल ने 82.88 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ अर्जित किया है। उत्कृष्ट कार्य के लिए 878 नियमित कर्मचारियों और 552 संविदा कर्मियों को प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) दी गई है। पिटकुल ने इस वर्ष 12.5 करोड़ रुपये का लाभांश राज्य सरकार को देने की सैद्धांतिक सहमति भी दी है।
पिटकुल को विद्युत पारेषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और नॉर्थ ईस्ट ट्रांसमिशन कंपनी के साथ देश की शीर्ष पांच पारेषण कंपनियों में स्थान मिला है। कंपनी ने 99.72 प्रतिशत सिस्टम उपलब्धता और 1 प्रतिशत से कम लाइन लॉस हासिल किया है। इससे पिटकुल की रेटिंग A+ से बढ़कर A++ हो गई है, जिससे राज्य को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलेगा।
एमडी ध्यानी ने बताया कि एडीबी द्वारा स्वीकृत पांच नई परियोजनाओं के अंतर्गत गढ़वाल और कुमायूं मंडलों में आधुनिक जीआईएस उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें सेलाकुई, आराघर, धौलाखेड़ा, खटीमा और लोहाघाट शामिल हैं। पिटकुल वर्ष 2030 तक 72 उपसंस्थान ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।
एमडी ध्यानी ने कहा कि पिटकुल “एक के लिए सब और सब के लिए एक” के सिद्धांत पर कार्य करता है। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए “विधि वित्त एचआर आपके द्वार” और “समस्या, सुझाव एवं समाधान” जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 24 घंटे कर्मचारियों के लिए उपलब्ध रहते हैं।
कार्यक्रम में निदेशक (परिचालन) जी.एस. बुदियाल, मुख्य अभियंता कमल कांत, इला चंद्र, अनुपम सिंह, पंकज कुमार, महाप्रबंधक (मा.सं.) अशोक कुमार जुयाल, अधीक्षण अभियंता एस.पी. आर्य सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदेशभर के क्षेत्रीय कार्यालयों से भी अधिकारी-कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।








